सेवालय: वो पनाहगाह जहाँ ‘दिव्यांग’ नहीं, ‘काबिल’ बच्चे तैयार होते हैं”

“कल्पना कीजिए एक ऐसी दुनिया की, जहाँ आपकी शारीरिक या मानसिक स्थिति आपकी काबिलियत के आगे बिल्कुल मायने न रखे। जहाँ ‘दिव्यांग’ शब्द की जगह ‘कुशल’, ‘स्वावलंबी’ और ‘हुनरमंद’ जैसे शब्द लिए जाएँ। यह कोई सपना नहीं, बल्कि जय शारदा एनजीओ के प्रकल्प ‘सेवालय‘ की बुनियादी सोच है। 2024 में शुरू हुए इस अनोखे प्रयास … Read more

दौलतपुर का प्रकाश: एक आशा जो शिक्षा की मशाल जला रही है

सरकारी स्कूल की पढ़ाई काफी नहीं? तो फिर क्या करें? एक गाँव ने ढूँढ़ लिया है जवाब। हल्द्वानी के गोलापार का वो गाँव, जहाँ शिक्षा की लौ जलाने का संकल्प कोई अकेले पूरा कर रहा है कल्पना कीजिए एक ऐसे गाँव की, जहाँ स्कूल तो हैं,परन्तु संसाधन और सही मार्गदर्शन नहीं। जहाँ बच्चे स्कूल से … Read more