हल्द्वानी का रवि रोटी बैंक 7 साल से 5 रुपए में पौष्टिक भोजन देकर गरिमा बेच रहा है। जानिए इस अनोखे “रोटी, कपड़ा और पहचान” मॉडल की पूरी कहानी। दान करें, स्वयंसेवक बनें या भोजन प्राप्त करें।

रोटी, कपड़ा और पहचान: 5 रुपए की थाली में छुपी है सैकड़ों लोगों की उम्मीद
कल्पना कीजिए, एक ऐसी गर्मागर्म थाली जिसमें शुद्ध, स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना हो—दाल, चावल, रोटी, और सब्जी। और इसकी कीमत? महज 5 रुपए!
यह कोई सपना नहीं, बल्कि हल्द्वानी के ‘रवि रोटी बैंक’ की पिछले 7 सालों से चल रही एक जीती-जागती मुहिम है। यह सिर्फ ‘भूख मिटाने’ की कोशिश नहीं, बल्कि ‘गरिमा बचाने’ का एक अनूठा मॉडल है। यहाँ 5 रुपए की यह नाममात्र रकम ग्राहक को एक ‘ग्राहक’ का एहसास दिलाती है, न कि ‘भिखारी’ बनने का।
एक साधारण शुरुआत, एक असाधारण सफर
इस मुहिम की नींव आज से करीब 7 साल पहले शादियों में बचे हुए खाने को जरूरतमंदों तक पहुँचाने से पड़ी। लेकिन श्री तरुण सक्सेना और उनके साथियों का सपना बड़ा था। 3-4 महीने बाद, यह सेवा एक संगठित रूप लेकर रोजाना जरूरतमंदों तक पहुँचने लगी। आज, पूरा हल्द्वानी इस संस्था के नाम से परिचित है।
वह संघर्ष भरा दौर, जब रुकना विकल्प नहीं था
यह सफर फूलों की सेज नहीं था। हर कदम पर चुनौतियाँ थीं:
· संसाधनों की कमी: पर्याप्त बड़े बर्तन न होना, राशन की कमी।
· लॉजिस्टिक्स की मुश्किल: खाना पहुँचाने तक ठंडा हो जाना, बारिश में दिक्कतें।
· सबसे बड़ी चुनौती – कोविड: ऐसा समय जब दुनिया थम सी गई थी।
लेकिन रवि रोटी बैंक के लिए रुकना विकल्प नहीं था, क्योंकि यह संस्था नहीं, बल्कि सैकड़ों लोगों की रोज की उम्मीद थी।
समाधान जो बने मिसाल: जुड़ती रही एकजुटता
हर समस्या ने इन्हें और मजबूत किया। समाधान सामुदायिक सहयोग से आए:
- फूड वैन: लोगों के सहयोग से एक फूड वैन खरीदी गई, ताकि गर्म खाना सुरक्षित पहुँचे।
- बड़े बर्तन: अब ऐसे बड़े बर्तन हैं जिनमें रोजाना 200-300 लोगों का खाना बनता है।
- कोविड में सहारा: सरकार द्वारा दी गई एक जगह ने इस मुहिम को एक स्थायी पता दिया। यह सहयोग आज भी इसकी नींव है।
यह सफर न तो किसी एक से शुरू हुआ था, और न ही यहां तक किसी एक की वजह से पहुंच पाया है,
कई लोग इस फाउंडेशन के साथ निस्वार्थ भाव से जुड़े है और केवल सेवा से साथ रहे है,
इस संस्था की नींव है,
तरुण सक्सेना , रोहित यादव, रोहित आर्य, विपिन गुप्ता , सचिन गुप्ता, अरस्तू खान, लक्की शर्मा आदि।
रवि रोटी बैंक ही क्यों?
संस्था का मूल नाम ‘रोटी, कपड़ा और पहचान’ है, लेकिन आज यह ‘रवि रोटी बैंक’ के नाम से मशहूर है। यह नाम एक ऐसे साथी,जो इस मुहिम में हमारे साथ थे, श्री रवि यादव की याद में रखा गया है, जिनकी एक दुर्घटना में असमय मृत्यु हो गई। यह मुहिम उनकी स्मृति को अमर बनाए हुए है।
हमसे कैसे जुड़ें? (How to Connect With Us?)
📍 हमारा पता (Our Address):
रवि रोटी बैंक, हल्द्वानी, नैनीतal, उत्तराखंड
📞 संपर्क सूत्र (Contact Details):
9536290333 (अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें)
आप भी बन सकते हैं इस मुहिम का हिस्सा | Join the Movement
रवि रोटी बैंक सिर्फ खाना नहीं बांट रहा, बल्कि, देखभाल और मानवता का संदेश फैला रहा है।
दान करने का तरीका (How to Donate)
हमारे कार्य में सहयोग देने के लिए आप सीधे हमारे बैंक खाते में दान राशि स्थानांतरित कर सकते हैं। हमारे बैंक विवरण इस प्रकार हैं:
विवरण जानकारी
बैंक का नाम केनरा बैंक
शाखा का नाम हल्द्वानी
खाता नाम रोटी कपड़ा पहचान फाउंडेशन
खाता संख्या 2325201001011
IFSC कोड CNRB0002325
(आवश्यक सूचना – “कृपया दान करने से पहले यह सत्यापित कर लें कि आप ‘रोटी कपड़ा पहचान फाउंडेशन’ के नाम से रजिस्टर्ड खाते में ही धनराशि भेज रहे हैं। किसी व्यक्तिगत खाते में धनराशि न भेजें।”)
कपड़ों का दान: 🧥
आप अपने वे कपड़े जो अब उपयोग में नहीं हैं (साफ और wearable condition में), वो भी हमें डोनेट कर सकते हैं। ये कपड़े जरूरतमंदों तक सीधे पहुँचाए जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए हमसे 9536290333 पर संपर्क करें।
🌾 क्या आप इस पुनीत कार्य में सहयोग देना चाहेंगे?
· 🍽 दान करें (Donate): ऊपर दिए गए बैंक विवरण का उपयोग करके हमारी थालियों को भरने में मदद करें।
· 🧥 कपड़े दान करें (Donate Clothes): अपने unused कपड़े दान करके किसी की ठंड बचाएं।
· 🤝 स्वयंसेवक बनें (Volunteer): अपना समय दें और सीधे तौर पर इस सेवा कार्य से जुड़ें।
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